बस्तर के लोक नृत्य “देव नाचा” के स्वरुप ला देखव अउ हमर छत्तीसगढ़ के परंपरा ला जानव |

छत्तीसगढ़ अंचल में  बस्तर के लोक नृत्य की अपनी संस्कृति है। उनके रहन-सहन, वेश-भूषा, खान-पान, रस्मों-रिवाज भी भिन्न है। छत्तीसगढ लोक कथाओं की दृष्टि से बहुत समृद्ध है। मानव की प्राचीनतम संस्कृति यहाँ भित्ति चित्रों, नाट्यशालाओं, मंदिरों और लोक नृत्यों के रूप में आज भी विद्यमान है।

 

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