देश व धर्म की रक्षा के लिए रानी दुर्गावती ने दिया बलिदान: बृजमोहन

Brijmohan Agrawal | Apna Chhattisgarh

रायपुर| रानी दुर्गावती बलिदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, टिकरा पारा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारे समाज में जो लोग महिलाओं की महत्ता को कम आंकते है या महिलाओं को दोयम दर्जे में रखते है उनके सामने वीरांगना रानी दुर्गावती का गौरवशाली इतिहास उदाहरण स्वरूप सामने हैं।
रानी दुर्गावती ने देश,धर्म और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए प्राणों आहुति दी थी। मुगलों को लोहे के चने चबाने मजबूर कर दिया था। यही वजह है कि उनका नाम भारतीय इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित है । आज सर्व समाज को उनके कृतित्व से प्रेरणा लेकर मातृशक्ति को  सम्मान और उनका पूरा अधिकार सुरक्षित हो इस दिशा में भी बनना चाहिये।

यह आयोजन गोंडवाना भवन टिकरापारा में आयोजित था। इस अवसर पर नगर के प्रबुद्धजनों को सामाजिक समरसता के लिए सम्मानित किया गया। जिसमे वन मंत्री महेश गागड़ा, अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष जीआर राणा,डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना,विनोद नागवंशी अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इन्होंने भी अपने विचार रखे। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि महान लोग भले ही किसी एक समाज के क्यों न हो परंतु उनका कृतित्व न्यायप्रिय व् सर्वजन हिताय होता है। इसलिए वे सभी के लिए वंदनीय होते है।

*●काले अंग्रेजों ने सही इतिहास छुपाया*
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अंग्रेजों से आज़ादी के बाद भारत का इतिहास जो लिखा गया उसमें बहुत कुछ छुपाया जा रहा था। क्योकि गौरावशाली इतिहास देश व् समाज को सशक्त होने की प्रेरणा देता है। ये अंग्रेज नही चाहते थे कि भारतवासियों को गौरव का बोध हो। यह भी गोरे अंग्रेजों के षड़यंत्र का हिस्सा था जिसे भारत के काले अंग्रेज रच रहे थे।परंतु देशभक्तों ने ऐसा नही होने दिया। भारत का गौरावशाली इतिहास अब जाकर देश के सामने है। जिस इतिहास में रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्या देवी, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप आदि की गौरव गाथाएं हम पढ़ रहे है।

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